सफर अभी बाकी हैं

 मैम क्लास में जब आई तो अ अपने कापी पर पेन्सिल से आड़ी तिरछी रेखाओ का जाल बनाने में व्यस्त था । सभी लोग मैम के सम्मान में खडे हो गये पर अ अपनी दुनियां में खोया कापी पर रेखा खीचने में लगा हुआ था । मैम इस बात को नोटिस की सभी को बैठने का इसारे किया सभी बैठ गये । मैम अ के पास पहूंच गई तो अ का ध्यान अब भी कापी पर ही था । मैम उसके पास खडी हो गई ,,कापी पर बनते आडे तिरछे रेखाओं को ध्यान से देखती रही । अचानक अ को यह आभास हुआ कि कोई उसके पास खडा है उसने चौक कर सामने देखा तो मैम खडी थी । हडबडाते हुए कापी को बंद करने की कोशिश की और तेजी से उठ कर खडे होने के चक्कर में उसका स्केल नीचे गिर गया । छनाक ,,एक आवाज हुई  । मैम पास में खडी थी स्केल मैम के
पैर के पास गिरा । सारे क्लास रूम की  हंसी छुट गई । मैम चुपचाप रही ।वह नीचे झुक कर स्केल उठा ली उसे वापस अ के तरफ बढा दी अ चुपचाप स्केल ले लिया । उसके मुहं से निकल गया सारी मैम ।।मैम कुछ नही बोली  अ का कापी सकेंत से मांगी अ कापी दे दिया । मैम कापी लेकर वापस चली गई । कापी मैम अपने बैग में रख ली । किताब खोल कर बोली चैपटर नाईन । सभी किताब खोल चैपटर निकालने लगे एक बार किताबों के पन्ने पलटने की आवाज क्लास रूम में गूंज गई। दो पल बाद सब शांत थे मैम को सुनने के लिए तैयार ,तभी बगल में बैठा जीत बोला यार फोकस कर चैपटर में ।। अ कुछ नही बोला चैपटर को मन ही मन पढने लगा था । क्लास शुरू हुई और खत्म हो गई । जाते समय मैम अ से बोली लंच के बाद मुझ से काॅमन रूम में आ कर मिलो । अ खडा हो कर बोला जी मैम ,,मैम चली गई सभी शोर मचाने लगे । जैसे किसी ने उनकी आवाज पर ब्रेक लगाया हुआ था । ब्रेक हटते है ,,होठ सभी के तेजी से चलने लगे। सिर्फ अ खामोश बैठा हुआ था और उसका साथ दे रहा था जीत । 
लंच के समय अ मैम के पास गया तो मैम कापी जांच रही थी अ कामन रूम के दरवाजे पर खडा हो गया। मैम का ध्यान कापी पर था । अ धीरे से बोला मैम ,,मे आई कम इन ,,मैम का हाथ कापी पर चलते हुए रूक गया ।वह सिर उठा कर अ के तरफ देखी ,,,अ चुपचाप खडा था । कुछपल तक मैम अ को देखती रही फिर बोली  क्या शाम को घर पर आ सकते हो ? कुछ बात करनी है । अ की समझ में कुछ नही आया वह चुपचाप खडा रहा ,,तभी जीत उसके मन में चीखा अबे सोच क्या रहा है जवाब दे ,,अ धीरे से सिर हिला कर बोला यस मैम ,पर,कितने बजे ? शाम छः बजे ,मैम जवाब दी । ओके मैम इतना बोल अ वहां से निकल गया ।मैम अ को जाते हुए देखती रही । अ तेजी से काॅरीडोर में जा रहा था तभी  जीत काॅरीडोर में मिल गया देखते ही बोला मैम ने कापी दे दी । नही ,,,घर पल बुलाया है । तो जा ,शायद तेरे लिए कुछ अच्छा हो जाये । यार मेरे साथ बुरा क्या हो रहा है सब तो ठीक है ,,तुम मैम सर यह क्यो सोचते हो कि मेरे साथ कुछ ठीक नही चल रहा है । मैं वही कर रहा हूं जो मै महसुस करता हूं । मैं अपने थाट और फीलिंग को फोलो करता हूं ।फिर मुझे से किसी को नुकसान नही पहुंचता। मै अपने हिसाब से जीता हूं तो समस्या क्या है यार? देख जीत मै ऐसा ही हूं और ऐसा ही रहना चाहता हूं जब तक कोई बदलाव मेरे भीतर से नही आता तब तक बाहर के बदलाव को मै अपने मन पर किसी को थोपने नही दुंगा। चाहे वह तुम हो मैम हो या सर हो ,,डोंट ट्राई टू चेंज मी ,,ओके ,,इतना बोल अ तेजी से क्लास रूम के तरफ चल दिया । 
शाम होने से पहले अ फिर एक बार अपने से यह सवाल करने लगा कि उसे मैम के पास जाना चाहिये या नही ? उसका मन अकेला रहने को कह रहा था पर उसके मन का एक कोना यह भी जानना चाहता था कि मैम आखिर क्या कहना चाहेगी । उसकी कापी मैम के पास है । उस कापी पर खीची गई आड़ तिरछी रेखाएं जो मुझे वापस चाहिये । अगर मैम की बात उसे ठीक नही लगेगी तो वह वहां वापस चला आयेगा । अ ने साईकिल निकाल ली और एक बार फिर उसी रास्ते पर  निकला पडा जो मैम के घर तक जाती है । साईकिल के पैडल पर पडते पैरो का जोर और अ के मन पर यह सवाल का जोर कि आखिर यह लोग मुझे समान्य क्यो नही समझते ? इनको वो विधार्थी समान्य लगते है जो इनकी हर बात पर यस सर, यस मैम करते आगे पीछे घूमते रहते है । पर कोई इस फ्रेम से थोडा सा अलग हो गया कि तुरंत उसे फ्रेम मे लाने की कोशिश करने लगते है । यही कोशिश मैम भी आज मेरे साथ करने वाली है । चलो देख लेते है।
अ मैम के घर पर ठीक सात बजे पहूंच गया। दरवाजे पर नॉक किया ,कुछ पल बाद मैम ने दरवाजा खोला और खोलते ही बोला आ जाओ आनंद बैठो मै दो मिनट में किचन से आती हूं । इतना बोल वह किचन के तरफ चली गई । अ उसी सोफे पर बैठ गया जिस सोफे पर उस रात बैठा था । अब वह कुछ नर्वस सा फील करने लगा था । पता नही उससे ऐसा लग रहा था कि वह जल्द उठ कर भाग जाये । उसने भागने का मन बना लिया आस पास देखने लगा कि उसकी कापी उसे मिल जाये, जिसे लेकर वो बिना बताये भाग जाये । कापी उसे दिखाई कहीं नही दी । हां मैम का गुलाबी बैग उसे टेबल पर रखा दिखाई दे गया । अ के मन ने कहा कापी मैम के बैग में हो गी निकाल  जा निकला  । अ अपनी जगह से उठ गया और बैग तक पहूंच गया उसने बैग का जिप खोला ही था । कि किचन से आवाज आई आनंद ,,अ हडबडा गया बुरी तरह हडबडा गया उसकी धड़कन तेजी से धड़कने लगी ,,चेहरा लाल हो गया। वह डरते हुए बोला यस मैम ,,बाहर बरामदे की लाईट आन कर देना । बाये से तीसरा स्विच है । जी,,, मैम,, अभी,, क,,रता हूं । किसी रोबोट की तरह काम पर लग गया। स्विच बोर्ड के पास गया तीसरा स्विच टक से आन कर दिया । बाहर बरामदे में बत्ती जल गई जिसका रिफलेकशन खिडकी के परदे पर दिखाई देने लगा । तभी मैम ट्रे में चाय जूस नमकीन ले कर आ गई । ट्रे टेबल पर रख सोफे पर बैठ गई । अ अब भी स्विच बोर्ड के पास खडा एकटक मैम को देख रहा था । मैम ने अ की तरफ देखा उसे इस तरह खडा देख थोडा आश्चर्य से पुछी वहां क्यो खडे है ? वो आपने लाईट आन करने को कहा था । ओके लाईट आन होगी ना अब तो आ कर बैठ जाओ । अ चुपचाप किसी आज्ञाकारी बालक की तरह जा कर बैठ गया ।मैम ने अ के चेहरे को  ध्यान से देखा और बोली तुम कुछ असहज लग रहे हो । क्या बात है ? जीत धीरे से बोला तेरी चोरी पकड़ गई है झूठ बोलने की कोशिश मत करना । मै झूठ नही बोलता। सच ही बोलूंगा। तु चुप कर । क्या हुआ आनंद तुम आज कुछ बदले बदले से लग रहे हो । जी मैम मैं कुछ परेशान हूं। चलो परेशानी पर बात कर लेगे ,,देखो अब हम तीनो के बीच एक रिलेशन डिवलेप करने लगा है , और अच्छे तरह से डिवलेप हो रहा है। सर  जाने से पहले तुम्हारे बारे में बाते कर रहे थे कि तुम्मे बहुत पोटेशियल है अगर तुम्हारी इनर्जी को चैनलाईज कर दिया जाता तो तुम असदाहरण काम कर सकते हो ।लो पहले जूस पीयो ,,जूस का गिलास ट्रे से उठा कर अ के तरफ बढ़ाती है अ गिलास लेता है और इस बार भी उसको उंगली मैम की उंगली से टच करती है । एक सिहरन उसीके पुरे शरीर में दौड जाती है । जीत तभी उससे कहता है देखा पहचान अपने फीलिंग को । यह तरंग है जो अपने आप पैदा होती है । इससे कोईबुद्धि पैदा नही कर सकती । तु चुप कर यार मै क्या बोलना चाहता हूं साले सब कुछ भूल जाऊंगा । तभी मैम बोली आनंद देखो तुम समझदार हो अपनी समझ का उपयोग अपने भविष्य पर लगाओ।  क्लास में अब मैं तुम्हे पनिश नही कर सकती क्यो की हम दोनो तुम्हे अपना अपने परिवार का हिस्सा मानते है । तुम आज मुझ से वादा करो कि तुम क्लास में ठीक से रहोगे । कोई तुम्हे पनिश नही करे । देखो अब अगर तुम्हे कोई भी टीचर पनिश करेगा तो मुझे बहुत बुरा लगेगा।  यह सुन अ के मन में थोडी खुशी हुई ,उसके तनाव से तने चेहरे पर शिथिलता आ गई। वह जूस पीने लगा । क्या तुम वादा नही करोगे? अ चौकते हुए यस मैम यस मै वादा करता हूं । मै अपना ध्यान क्लास पर रखुंगा। कापी पर बेमतलब के लाईन नही खीचुगा । नही आनंद लाईन खीचना यह एक अच्छी एक्सारसाईज है । माईंड फोकस होता है । प्रो सहाब भी ऐसा करते है । वैसे तुम्हारी उलझन क्या है ? मैम मैं जैसा हूं मुझे वैसा क्यो नही एक्सेप्ट किया जाता है । बदलाव की बात क्यो होती है । देखिये आप भी बदलाव की बात रही है , मेरी समझ में नही आ रहा कि मुझे क्या बदलना है । मैं तो किसी को कोई नुक्सान नही पहुंचता फिर यह सवाल मेरे साथ क्यो ? 
अ एक ही सांस में बोल कर रुका तो उसकी सांस फूलने लगी थी । उतेजना से चेहरा थोडा लाल हो गया था ।यह देख मैम बोली आनंद हम दोनो तुम्हे बहुत पसंद करते है । तुम जैसे हो बहुत अच्छे हो ,,जो तुम सोचते हो अपनी जिन्दगी को लेकर वो भी अच्छा है पर वो पुरा नही है ।क्यो कि विकास नेचर का लॉ है हम सभी उसी लाॅ से गुजर रहे है। तुम भी उसी लॉ के प्रभाव से गुजर रहे हो ।एक प्रयोग जीवन हम पर लगातार कर रही है और उस  प्रयोग को हम चाह कर भी रोक नही सकते । तुम एक बात सच सच बताओ कि तुम क्या जीवन भर ऐसे ही रहना चाहते हो जैसा आज तुम हो । इतना सुन कर अ सिर्फ इतना ही बोला मैम मैं अपने दिल से नही बदल सकता । आप मेरी कापी दे दे मैं जाना चाहता हूं । यह सुन मैम को एक झटका सा लगा वह थोडा परेशान हो कर पुछी क्यो क्या बात होगई ? मेरी बाते तुम्हे अच्छी नही लगी ? आपकी सभी बाते अच्छी और सही है पर मैम बदलाव भीतर,से अपने आप आना चाहिये और जब उसे आना होगा तो आ जायेगा । आप मेरी कापी दे दे ,,मैं जाना चाहता हूं । यह सुन मैम को लगा की उसकी किसी बात को अ ने दूसरे तरीके से समझ लिया है । वह अ के तरफ दो पल के लिए देखती रह गई । फिर बोली ठीक है मै तुमसे सहमत हू । एक काम मेरे कर दो दोगे? जी मैम कर दूंगा, कल शाम को एक बार तुम्हे आना होगा। यह सुन अ चुप होगया फिर कुछ पल बाद बोला काम क्या है मैम ?नर्सरी थोडा आउट आफ वे पडता है क्या तुम मेरे लिए  नीम का एक पौधा लेते आओगे । लेते आऊंगा मैम । सर चाहते है कि जब हम लोग यहां से जाये तो एक पेड को लगा कर बडा कर जाये । मैम के जाने कि बात सुन कर अ को थोडा अच्छा नही लगा ।अच्छा क्यो नही लगा इसका उत्तर अ के पास नही था । वह थोडा झिझकते हुए पुछा मैम क्या आप लोग यहां से चले जायेगे ? यह सुन मैम पुछी क्या तुम्हे हमारा यहां से जाने की बात अच्छी नही लगी ? अ यह सुन चुप रहा ,,फिर बोला जी अच्छा नही लगा। फिर यह बताओ कि तुमने अपने जाने की बात की,, मैम मुझे कापी दे दीजिये मैं यहां से जाना चाहता हूं । क्या मुझे अच्छा लग सकता है । यह सुन अ को अपनी गलती का एहसास हुआ वह तुरंत बोला आई एम सारी मैम ,,मुझे ऐसा नही कहना चाहिये था । वह मैं आज नही कल रात से ही थोडा परेशान हूं। किस बात की परेशानी है तुम्हे? मैम नमकीन का प्लेट अ के तरफ बढ़ाते हुए पुछी ,,मैम एक बात मै आपके सामने कनफेस करना चाहता हूं ,। हां बोलो क्या कनफेस करना चाहते हो । तभी जीत चीखा अबे रूक साले ,,क्या कर रहा तु, भूल कर कुछ भी कनफेस मत कर लेना ,,एकदम चुप हो जा एक शब्द नही बोलेगा।  मै बोलूगा सच क्या है मैम को मालुम होना चाहिये । हां आनंद बोलो कहां खो गये। मैम मेरा दोस्त मुझे मना कर  रहा है ,,दोस्त कौन दोस्त यहां,तो हम दोनो के सिवाये और कोई नही है । मैम वह मेरे मन में रहता है । समय समय पर मेरे मन से बोलता है । यह सुन मैम की ऑखे आश्चर्य से फैल गई । वह गौर से अ के तरफ देखने लगी। अ चुपचाप मैम की तरफ देख रहा था । तभी अ बोला आपको यह सुन कर विश्वास नही हो रहा होगा । पर ऐसा मेरे साथ हमेशा होता है । मैम यह सुन बोली हां ऐसा होता है । तुम्हारे दोस्त का नाम क्या है ? जीत नाम है ,,वह मेरे साथ मेरे ही क्लास में पडता है । मैम बोली जीत ,हा ठीक है। तुम क्या कनफेस करना चाहते थे ? मै चोर नही हूं पर मैने चोरी की है मैने आपकी पेन बोतल और तकिया चुराया है आप मुझे पनिश करे । मैम मुस्कुराते हुए बोली तुमने सच कह दिया यही मेरे लिए बहुत है । अब इस बात को भूल जाओ। मैं जानती हूं कि तुमने ऐसा क्यो किया ? तुम अपनी जगह सही थे । शायद मै भी तुम्हारी जगह पर होती तो वही करती जो तुमने किया था। मैम आप मुझे पनिश नही करेगी।  जरूर करूंगी तुम मुझे उस ताल तक घुमाने ले चलोगे।यही तुम्हारी पनिशमेट है । यह सुन अ आश्चर्य से मैम के तरफ देखता रह गया । मैम बोली यह लो तुम्हारी कापी ,,, मैम अपने बैग से कापी निकाल दी   अ कापी हाथ में लेकर जाने के लिए खडा होगया तो मैम उसके जेब में पचास का एक नोट रखते हुऐ बोली, भूलना नही नीम का पेड लेते आना । 
आज इतना ही ,,
आप सभी मित्रो का आभार ,,मनोहर जोशी जी आपसे कहानी को लेकर फोन पर बात हुई आपके फीड बैक बहुत ही सटीक और सूक्ष्म है पीछले दृश्य में सपना और पत्थर का बोलना को आपने जिस तरह से फील किया है वह कहानी के सुक्ष्म पहलु के तरफ सकेंत करता है ।आपका आभार 🙏🙏🙏, ,,कुंदन जी का प्रश्न क्या आप ही तो अ नही है अच्छा लगा , हां मै अ हूं पर अ आप भी है और भी लोग होगे , आपका धन्यवाद, गौतम गोप जी धन्यवाद , लोना चक्रवर्ती जी धन्यवाद, ध्रुव दा का आभार ,शेष सभी मित्रो का धन्यवाद जो कहानी पढ रहे है। मिलते है अगली कडी में
रवि कांत मिश्र ❤❤❤❤❤❤❤❤❤❤❤❤❤❤❤❤❤❤❤❤❤❤❤🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏

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