सफर अभी बाकी है
आनंद तेजी से जंगल के बीच दौडते जा रहा था। पेड़ो के बीच पंगडंडी पर आनंद के पैर तेजी से दौड लगा रहे थे। वह बस इस जंगल से बाहर निकलना चाहता था। दौडते दौडते वह जंगल के बीच एक बडे से ताल के पास पहूंच गया । जहां बहुत सारे रंगरूट को एक कमांडर तैरना सीखा रहा था । एक के बाद एक रंगरूट पानी में
कूद रहे थे और पानी के भीतर सांसे रोक कर तैरते हुए पानी के बाहर निकल रहे थे । आनंद ताल के पास खडा हो कर देखने लगा । उसकी सांसे तेज चल रही थी । कमांडर ने आनंद को देखा और वही से जोर से चीखा कौन हो तुम ?और यहां क्या कर रहे हो ? मै कैप्टन अभय सिहः का बेटा हूं । मेरा नाम आंनद है आनंद यह जंगल का एरिया हमारे ट्रेनिंग के लिए है । यहां आने के लिए तुम्हे परमिशन लेनी चाहिये ।इतना बोल वह लंबा तगडा आदमी आनंद के सामने आ गया। एक पल के लिए आनंद को उसे सामने देख कर थोडा डर लगा । तभी वह कमांडर अपना हाथ आगे बढ़ाते हुए बोला आनंद मै सूबेदार बुद्धि सिंहः आनंद अपना हाथ उसके हाथ से मिलाकर बोला गुडमॉर्निग सर , गुडमॉर्निग आनंद ,,तुम्हे शायद मालुम नही है पर यहां परमिशन के बिना आना मना है । मुझे तुम्हारी रिपोर्ट करनी होगी ।आप रिपोर्ट करे । मैं अपना पक्ष रखने को तैयार हूं आनंद बिना डरे बोला ।very nice ,,तो चलो मेरे साथ । इतना बोल पीछे पलटा और जोर से रंगरूट को बोला फॉलो मी ,,सभी रंगरूट पानी से बाहर निकल रहा सूबेदार के तरफ दौडने लगे । सूबेदार भी दौडने लगा जिसके कारण आनंद को दौड लगानी पड गई । जीत मन से चीखा कितनी बार समझाया है कि कहीं जाने से पहले रस्ता समझ ले ,पर नही मुहं उठाये निकल पडते हो ,,बिना इस बात की परवाह किये कि इस काम का परिणाम क्या होगा । अब झेलो बेटा । अबे चाचा चौधरी चुप कर , बोर हो गया हूं । साला समझ में नही आ रहा है कि टाईम कैसे पास करू ? यह जगह कोई कैद खाने से कम नही है । यहां सांस लेने के लिए भी परमिशन लेनी पड़ती है । अच्छा होता तु मेरे बदले यहां आ जाता । तब पता चलता कि बेटा यह जगह कितनी खूबसूरती से दिल दिमाग का बैड बजाती है । दम घुटते है यार । जीत चुप हो गया था । इधर कमांडर मेजर के पास पहूंच गया था जो बाहर एक चेयर पर बैठा चाय पी रहा था।।कमांडर अ को ले कर मेजर के पास पहूंचा सावधान होता हुआ बोला जय हिंद सर । जय हिंद सूबेदार सहाब यह लड़का कौन है ? सर यह कैप्टन अभय सिहःका बेटा है। सर बिना परमिशन के जंगल वाले हिस्से में चला गया था । ओके क्या नाम है बेटा ,मेजर सहाब ने पुछा ,सर आनंद कुमार। ओ के ,,आपके पापा मेरे दोस्त है आप पास आये ,आनंद पास गया मेजर प्यार से उसके कंधे पर हाथ रखते हुए बोला फिर अगर आपको जंगल के तरफ जाना होगा तो आप सूबेदार सहाब के साथ जा सकते है ।सुबेदार सहाब आनंद का ध्यान रखेगे । इनके पापा अभी बोर्डर पर है । ओ के सर,,तभी तेजी से साईकिल चलाते हुए एक लडकी जिसने नीले रंग की ट्रेकसुट पहन रखी थी , मेजर के पास आ गई साईकिल की ब्रेक मारी और बोली पापा सी योर स्टाप वाच ,,मेजर तुरंत हाथ में पकडे स्टाप वाच को देखने लगा या तीस सेकेंड अधिक समय लग गया फिर से ट्राई करो । ओ पापा नो ,,यस माई डियर,, मिलो आनंद से, कैप्टन अभय इनके पिता है ,,हैलो आनंद मैं डिम्पल , हैलो आई एम आनंद । जाओ तुम दोनो कैटिन में जा कर बाते करो कोल्ड ड्रिक॔ एनजाय करो । फ़्रेंडशिप करो,,और हां डिम्पल आनंद बिलकुल नया है इसका ध्यान रखना । ओ के पापा ,,डिम्पल आनंद के तरफ देखते हुए बोली क्यो आनंद मेरे साथ कैटिन चलोगे । आनंद कि समझ में एकदम से कुछ नही आया ,वह दो पल के लिए चुप होगया तभी डिम्पल बोली हम फौजी बैकग्रऊड से है इतना समय लोगे तो कोई दूसरा तुम्हारी जगह डिसीजन ले लेगा । जीत चीखा अबे क्यो मेरा नाम मिट्टी में मिला रहा है । साले इतनी ट्रेनिंग दी थी सब बेकार गया,,अबे माखनचोल बोल जायेगा । हा हा जाऊंगा अ अपनी सोच में बोल पडा डिम्पल बोली तो चलो बैठो मेरी साईकिल के पीछे । यह सुन अ अपनी जगह ठिठक गया । तभी जीत चीखा अबे लडूचंद बोल साईकिल तु चलायेंगा ,,साईकिल मैं चलाना चाहता हूं आ एकदम से बोल पडा। हा तो चलाओ , पर मै पीछे नही आगे बैठुगी । अ ने कहा ठीक है । साईकिल डिम्पल ने अ के तरफ बडा दी ,अ साईकिल पर बैठ गया तब डिम्पल साईकिल के रॉड पर बैठने से पहले पुछी मुझे बैठा कर चला लोगे ना ,,हा चला लूगां अ पुरे कंफिडेस से बोला । डिम्पल साईकिल के रॉड पर बैठ गई । अ ने साईकिल के पैडल पर पैर मारी साईकिल आगे बड गई। डिम्पल बोली गुड आनंद ,,,अच्छा बैलेसिग है , चलो मैं तुम्हें रास्ता बताती हूं । दोनो कैटिन के तरफ जाने लगे । थोडी देर बाद दोनो कैंटीन के भीतर थे अ और डिम्पल ने कोल्ड ड्रिंक लिया और आ गये कैटीन के बाहर गार्डन में जहां बैच चेयर लगे हुए थे रंगविरंगे अम्ब्रेला के नीचे लोग बैठे गपशप मार रहे थे । अ और डिम्पल दोनो एक अम्ब्रेला के नीचे चेयर पर बैठ गये । तभी जीत बोला बेटा दोस्ती कर ले तेरा टाईम पास ठीक से हो जायेगा। अबे चुप कर मै वही करूगा जो मुझे अच्छा लगेगा । क्या बात है तुम कहीं खो गये । वह मै अपने दोस्त से बाते करने लगा था । यह सुन डिम्पल आश्चर्य से पुछी पर तुम्हारा दोस्त कहां है ? वह मेरे मन से बोल रहा था । दूसरे झटका लगा डिम्पल को ,,उसने आस पास देखा और उसे अपने पास आने का सकेंत करते हुए बोली। क्या चक्कर है बॉस । सब ठीक तो है । हॉ सब ठीक है जीत मेरा बेस्ट फ्रेड है वह मेरे मन में रहता है कभी कभी मुझे सजेशन देता है और मै उसके सेजेशन को मानता भी हूं कभी नही भी मानता हूं । इस वक्त क्या सजेशन तुम्हारे दोस्त ने दिया । यह सुन आनंद दो पल चुप रहा फिर बोला जीत कह रहा था कि तुमसे दोस्ती कर लूं ताकी मेरा टाईम पास हो जायेगा। अच्छा और तुमने अपने फ्रेड से क्या कहा ? मैने कहा मैं वही करूगा जो मुझे करना चाहिये । गुड आनंद डिम्पल खुश होते हुए बोली । तो तुम्हे क्या करना चाहिये ?,मुझे अभी कुछ भी पता नही है । पर तुम्हारा फ्रेंडली विहेव मुझे अच्छा लगा । थैंक्स आनंद और मुझे तुम्हारा सच बोलना अच्छा लगा। तुम जैसे लोग रेअर हो । बताओ तुम्हारी जिन्दगी में क्या चल रहा है ? मैं एग्जाम देने वाला हूं पच्चीस दिनो बाद एग्जाम शुरू हो जायेगे। अ रे एग्जाम की बात नही पुछ रही हूं ,तुम्हारी कोई गर्ले फेड है की नही । किसी के साथ सेटिंग हुई या नही ? या अभी तक ट्राई ही कर रहे हो । देखो डिम्पल मेरी कहानी वैसी नही है जैसे इस एज के यूथ की होती है। तो क्या तुम गे हो । अरे चुप करो जो मन में आ रहा है बोले
जा रही हो। तो बताओ ना क्या बात है ? तुम।नही समझ पाओगी यह तुम्हारे पल्ले पडने वाली बात नही है । ऐसी कौन सी बात है जो मैं नही समझ सकती । डिम्पल कुछ बाते है जिसे समझाई नही जा सकती या समझा नही जा सकता सिर्फ उसे महसुस किया जा सकता है। जैसे फुलो की महक समझी नही जा सकती किसी को समझाया नही जा सकता । वैसा ही कुछ है मेरे जीवन में । डिम्पल यह बात सुन गंभीर हो गई । वह बोली तुम्हारी बाते बिलकुल अलग है शायद तुम किसी और दुनियां की बाते कर रहे हो । आज कल कोई ऐसी बाते नही करता । मैं उस फुल की महक को जरूरू एक्सपिरियंस करना चांहुगी । क्या तुम मुझे एक्सपिरियंस करवा सकते हो । यह मेरे वश में नही है पर एक कोशिश जरूरू करने की चाह हो रही है तुम्हारे साथ। बताओ कब करोगे जल्दी बताओ डिम्पल मचल गई । बताऊंगा थोडा समय लगेगा । चलो इसी नोट पर हम दोस्त बन सकते है । हा जरूरू बन सकते है । डिम्पल अपना हाथ बडाती हैं अ उसके हाथ से हाथ मिला देता है ।
आज इतना ही है
सभी मित्रो का आभार 🙏🏻

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