तुम मौन क्यो हो ?

हरियाणा से मात्र सौ किलोमीटर दूर मेवाद के फिरोजपुरा गांव से हिन्दू पलायन कर चुके है । जिस तरह कश्मीर से कश्मीर पंडित पलायन कर गये थे । यह सब कुछ दिल्ली हरियाणा के नाक तले घटित हुआ है। बस तीन चार परिवार हिन्दु के उस गांव में रह गये है जो लगातार मुस्लिमो से प्रताड़ित हो रहे । एक महिला की हत्या और हत्या से पहले उसका सामूहिक बलात्कार । इस देश की कानून व्यवस्था को अंगूठा दिखा रहा है । इस घटना के भुक्त भोगी बेहद डरे हुए है कारण पुलिस एफ आई आर दर्ज नही कर रही थी । जब मिडिया न्यूज नेशन ने इस खबर को विस्तार से दिखाया तो प्रशासन हरकत में आई । ऐसा क्यो हो रहा है ? और कब तक ऐसा हमारे देश भारत में होता रहेगा ? कब तक मुस्लिम समाज के लोग इस तरह की घटना पर मौन रखेगे ? कब तक इस देश के तथा कथित बुद्धि जीवी हिन्दूओ के उपर हो रहे अत्याचार पर मौन और मुस्लिमो को खरोंच भी आ जाये तो सडक पर हंगामा ,चक्काजाम करेगे ? संसद का वहिष्कार क्यो ? यह दोहरी मानसिकता क्यों है ? यह देश सभी का है सभी इस देश के नागरिक है अगर देश के किसी हिस्से में किसी नागरिक के साथ चाहे वो किसी भी धर्म संप्रदाय का हो उसके साथ अमानवीये व्यवाहार कोई करता है तो उसका विरोध होना चाहिये या नही ? कश्मीर में आतंकवादी के मरने पर मानव अधिकार वाले गला फाड़ना लगते है पर जब मेवाद में हिन्दूओ की हत्या और पलायन होता है तो मानव अधिकार वाले मौन साधना में लग जाते है । यह दोहरा मापदंड क्यो ? हिन्दू मरता है इस देश में तो कुछ नही, कोई महत्वपूर्ण बात नही उनको तो इस देश में मरना और पलायन करना ही है । जब कि भारत हिन्दू बहुल देश है । अगर हम पाकिस्तान या बंगलादेश में होते तो क्या होता । जैसा पाकिस्तान में हिन्दूओ के साथ हो रहा है । बंटवारे के समय हिन्दू की जो संख्या थी आज एक प्रतिशत से भी कम है । क्यो क्या हो गया ? पाकिस्तान से हिन्दू कहां चले गये ? मार दिये गये या डर कर अपना धर्म परिवर्तन कर लिए ? यही हालात भारत के मेवाद में स्थापित हो गया है और हम मौन हो कर तमाशा देख रहे है । कब तक हम पलायन करते रहेंगे? कब तक हमे अपने जमीन  से उखाड़ फेंका जायेगा? विश्व हिन्दू परिषद इस विषय पर अपना पक्ष रखती है पर इसके बावजूद घटना घट रही है । 
मुल बात हिन्दू को समझना होगा।  इस देश में जीना है तो अपनी शक्ति को एकत्र करना होगा। हमे हिन्दूओ को एक होना होगा । जाति के बंधन से मुक्त हिन्दू सिर्फ हिन्दू है और हिन्दूओ को अपने आस्तित्व की रक्षा के लिए जागना होगा । विश्व के हिन्दू तुम एक हो अपनी शक्ति और गौरवशाली इतिहास को आत्मसात कर अपने स्वाभिमान को ऊंचा करो। मैं देश की न्यायव्यवस्था से यह मांग करता हूं कि मेवाद में हिन्दूओ की हत्या जिन लोगो ने की है उसे कानून अनुसार कठोर सजा दी जाये । 
ऊ शांति 
रवि कांत मिश्र 

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