सफर अभी बाकी है

अ किसी कुशल तैराक की तरह कमल के फुलो के पास पहूंच गया और तीन कमल के फुल तोड कर उसे अपने हाथ में पकड एक हाथ से तैरते हुए किनारे की तरफ आने लगा । मैम और सर दोनो सांस रोके अ को देख रहे थे । अ धीरे _धोरे करीब आता जा रहा था । उसे एक हाथ से तैरने में दिक्कत हो रही थी ,,
 पर उसके चेहरे पर खुशी थी कि वह मैम के लिए फुल ला रहा था । खुद को अपनी चाहत के लिए जोखिम में डाल देने का अवसर कभी कभी मिलता है । अ ने अपनी जान जोखिम में डाल ही दिया था ।उस झील का पानी ठंडा था और अ को स्नोफेलिय था।  पर अगर वह ऐसा नही करता तो उसे जीवन भर के लिए अफसोस होता । अ तैरते हुए किनारे पर पहूंचा तो उसकी सांसे फुल रहो थी । वो नाक और मुहं दोनो से सांसे जोर जोर से ले रहा था । किनारे पर आ कर वह किसी तरह खडा हो गया । मैम और सर दोनो उसे देख रहे थे। तभी अ ने फुल बिना कुछ बोले सर के तरफ बडा दिया कि आप यह फुल मैम को दे दे । सर यह देख हल्का सा मुस्कुरा दिये और मैम के तरफ देखे ,मैम और सर की ऑखों मिली एक मौन संवाद हुआ । सर झट अ के तरफ देखे और अपने कैमरे का  लेंस कवर खोलते हुए बोले तुम फुल मैम को दो मै इस पल को कैमरे में कैद करूगा ।अ के भीगे  शरीर में एक बिजली दौड गई । वह पहली बार थोडा भीतर से शर्माया एक बार उसकी नज़र मैम के तरफ उठी और फिर नीचे झुक गई । मैम चुपचाप खडी थी अ को देख रही थी । सर ने अपना कैमरा सेट कर लिया और बोले आनंद गो ,,यह गो शब्द में ना जाने कैसी  ऊर्जा थी कि अ आगे बडा और मैम के तरफ तीन कमल के फूल बडा दिये । मैम के चहरे पर हल्की सी लाली छा गई ,उनकी बडी बडी ऑखों में खुशी के पानी तैरने लगे । अ ने मैम के ऑखो में उतर आये पानी को अपने दिल में कही उतरता हुआ महसुस किया ।मैम ने  फुल ले लिया और फिर धीरे से कहा आन॔द थैंक्स। इट्स माई प्लेयर मैम । फुल देते समय अ की उंगलियां मैम की उंगलियों से छु गये थे । अ की ऑखों में एक नशा सा उतर गया । उस लगा कि उसका शरीर हल्का हो कर आसमान के तरफ खीचने  लगा है । मैम फूलों को देखने लगी और उसके पंखुडी को अपनी उंगलियो से महसुस करने लगी  ।ऐसा करते हुए अ  मैम को देख रहा था । तभी सर ने कहा ओ के थैंक्स,  आज मैने अपने जीवन की बेहतरीन तस्वीर खीची है । दोनो अपनी अपनी दुनियां से निकल कर सर के तरफ देखे जो अपनी जगह खडे मुस्कुरा रहे थे । मैम दो पल के लिए सर क तरफ देखती रही तो सर ने पूछा क्या बात है ,,इस पर मैम बोली मानस यु आर सिम्पली ग्रेट । थैंक्स सुचित्रा ,,what I am because of u . शब्दो से खेलने कोई तुमसे सीखे । अ दोनो के बीच खडा था ,,पर वो अब फिर उसी पल मे कैद होगया था जब वह मैम के सामने फूल ले कर खडा था । इसलिए उसे मैम और सर की कोई बात सुनाई नही दी । तभी प्रो सहाब बोले ओ आनंद गो एंड चेंज योर ड्रेस । यस सर अ थोडा चौकते हुए बोला और दूसरे ही पल अपना बैग लिए उन आदिवासी के टूटे घर के तरफ चला गया । जाते हुए उसका मन कुछ हल्का हो गया था । तभी भीतर का जीत उसके मन में  प्रकट हुआ और बोला ,,कर आये अपने मन की ,,वाह क्या हिरोपंति दिखाई है । अबे कफ ने तुझे जकड़ लिया तो बेटा सात आठ दिनो के लिए विस्तर पर पडे रहोगे । कोई मैम और सर देखने तक नही आयेंगे । अबे तु चुप रहेगा,,कुछ नही होगा। मुझे अच्छा लग रहा है । मै बहुत खुश  हूं ,,,,तुम मेरी खुशी में जहर घोलने आ जाते हो ,,यार तुम जाते क्यो नही हो । अबे मै तेरा जुड़वा हूं जहां तुम वहां मैं ,,अब बोल कहां जाऊं? भांड में जाओ । मुझे कपडे चेंज करना है ।चेंज कर मुझ से क्या छुपाना ,,। जस्ट यु शटअप ,,ओके , । कुछ समय बाद अ कपडे चेंज कर उस टूटे से आदिवासी के घर से बाहर निकला ,और तेजी से ताल के तरफ चल दिया । कुछ दूर आने के बाद उसे मैम और प्रो सहाब एक बडे से पत्थर पर झील के पास ,पास पास बैठे दिखाई दिये  । दोनो के पीठ उसके तरफ थे । यह देख अ के पैर ठिठक गये फिर धीरे धीरे चलने लगे।  तभी जीत उसके मन से बाहर निकल कर फुसफुसाते हुए बोला ,सुन बिना आवाज किये दोनो के पास जा और छुप कर दोनो की बाते सुन ,देख दोनो तुम्हारे बारे में बात कर रहे होंगे। बस इस मौके को जाने में दे । नही नही यह ठीक नही होगा ,,,किसी के पीछे जा कर छुप कर बाते सुनना ओछी बात होती है । मैं नही जाऊंगा । अबे साले अनाडी कुते जा चुपके चुपके दबे पांव जा और सुगं कर पता कर दोनो क्या प्लेन कर रहे है । तुझे अपना सीक्रेट बचाना है या नही ,,जा बे चकनाचोर कही का । यह सुन अ के उपर कुछ जादु सा हो गया वह जीत कि बात मान कर धीरे धीरे दबे पांव मैम और सर के तरफ बढ़ने लगा।  दोनो अपनी बात चीत में डूबे हुए थे । अ उन दोनो के पास ठीक एक पेड के पीछे पहूंच गया जहां दोनो की आवाज सुनाई पड रही थी । सर बोले वह pure है बिलकुल pure है । कभी मैं भी वैसा ही pure था पर खुद को संभाल नही पाया । सुचित्रा लोगो ने मुझे बहुत टॉर्चर किया था । सबसे अधिक उस शख्स ने ,मै आनंद में पच्चीस साल पहले के मानस को देखता हूं । उसे तुम्हे संभालना होगा ,,वो तुम पर विश्वास करता है । तुम से सुरक्षा की उम्मीद करता है । इस एज   में हर एक को किसी ना किसी एक भावनात्मक छांव की जरूरूत होती है । सुचित्रा आनंद के लिए तुम वो भावनात्मक छांव है । मानस तुम मेरी परीक्षा ले रहे हो ,,मै असफल भी हो सकती हूं । बहक भी सकती हूं ,,उसकी पवित्र भावना में एक चुम्बकीय खिंचाव है ,,जो मुझे अपनी तरफ खींचता है । कब तक मैं अपने को रोक पाऊँगी ।मैं तुम पर कोई बेलेम नही करूगा पर मुझे तुम पर पुरा विश्वास है कि तुम आनंद को संभाल लोगी ।  यह सुन सुचित्रा मानस के कन्धे पर सिर रख दी और धीरे से बोली इतना विश्वास कहां से ले आते हो मानस । मानस चुप चाप सुचित्रा के तरफ देखता रहा । सुचित्रा की गोद में तीन कमल के फुल रखे हुए थे जिसमे से दो एक ही  कमल से लिपटे हुए थे । अ यह सब सुन के सुन सा पड गया था ,वो क्या सोच रहा था और क्या निकला,,मैम और सर मेरे बारे में कितना अलग सोचते है । कितना साफ और कितना बडा दिल है ,,और मैं कितना छोटा सोचता हूं । कितना बोना ,कितना लीलीपुट हो गया हूं आज मैं अपनी नज़र में । तभी जीत उसके मन में प्रकट हुआ ,,अरे यार यह लोग तो देवता जैसे है। दुनियां कितनी कमीनी है और यह दोनो कितने बेहतर इंसान । यार मुझे माफ कर दे मैं ही तुझे इतना छोटा सोचने के लिए कह रहा था । इस पर अ बोला इस दुनियां में तुम जैसे दोस्त के होने पर किसी दुश्मन की जरूरूत ही नही रह जाती । मुझे अपने उन दुश्मनों से कोई खतरा नही है जो मुझ से कोसों दूर है मुझे तुम जैसे दोस्तो से हमेशा सावधान रहने की जरूरूत है । निकल साले मेरे भीतर से निकल ,,आज के बाद फिर कभी मेरे दिल दिमाग में घुसने की कोशिश मत करना । यार माफ कर दे सॉरी ,,देख मैं तुझे ही आईडिया दिया कि तु वहां जा , हां हां ठीक है मैं शक कर रहा था ,,पर अगर तु मेरे कहने पर जाता ही नही ,,तो क्या आज तुझे मैम और सर के दिलों में छुपे सच्चाई का पता चलता । यह सुन अ चुप होगया । जीत को अवसर मिल गया वह तपाक से बोला देख अब तो मै तेरे साथ ही रहूंगा ,,तुझे मेरी जरूरूत कभी भी पड सकती है । ठीक है ठीक है पर साले औकात में रहियो । ,औ के यारा औकात में ही रहूंगा । तभी सर की आवाज अ के कानो से टकराई ,,आनंद वो आनंद , जी सर जी सर आ रहा हूं हड़बड़ाता हुआ पेड के पीछे से बाहर निकल कर सर मैम की तरफ भागा । मैम उसे भागते हुऐ देख रही थी ,,,,,,,आज इतना ही , 
आप सभी मित्रो का बहुत धन्यवाद , आप लगातार कहानी पढ रहे है और प्रतिक्रिया कर रहे है ,आपकी प्रतिक्रिया मेरे लिए महत्वपूर्ण है ।
सादर धन्यवाद 🙏🙏🙏❤❤❤❤❤❤❤❤❤❤❤❤❤❤❤❤❤❤❤
रविकांत मिश्र  🙂🙂🙂🙂

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