सफर अभी बाकी ,,,,,

जीत  ललचाई हुई ऑखों से डिम्पल को देख रहा था और डिम्पल अ को देख रही थी और अ कभी डिम्पल को कभी जीत को बारी बारी से देख रहा था । अ को स्थिति असहज होती दिखाई दी वह तुरंत डिम्पल से पुछा तुम यहां कैसे आ गई । डिम्पल अ की बात का जवाब ना देकर जीत के तरफ देखी और उसके चेहरे पर चुटकी बजाती हुई बोली हैलो क्या चक्कर है बे? मेरे चेहरे पर छेद करेगा क्या ? बिना फोकस आउट हुए ताड़े जा रहा क्यो ? वो तुम्हे पहली बार देखा है ना इसलिए । अ बात को संभालने की कोशिश की पर डिम्पल अ को डांटते हुए बोली तु चुप कर मुझे इससे निपटने दे नही तो आगे लाईफ में कंफूजन होने वाली है । हां तो जीत मेरे सवालो का सीधा सीधा जवाब दे , हि पूछो क्या पूछना चाहती हो जीत अपने कंधे उचकाते हुए बोला । डिम्पल उसके इस स्टाइल पर मुस्कुरा दी और पुछी तु सिगरेट पीता है ? हा पीता हूं जीत खूश होते हुए बोला । अच्छा तु चिटिंग  करता है ? मॉ कसम अभी एग्जाम में कर के आ रहा हूं ।ओके अब बता पापा के जेब से रूपये निकालते हो ? चोरी करते हो ? हां कभी कभी हाथ साफ कर देता हूं । लडकियो को इंप्रेस करने के लिए उसकी झूठी तारीफ करते हो ? हा यार करता हूं । वैरी गुड जीत जो तुम करते हो वह मैं भी करती हूं । हमारी आदत एक दूसरे से हू बहू मिलती है ना ? हा  हा डिम्पल अपन दोनो की खूब जमेगी । हा जमेगी पर भाई बहन के रूप में जमेगी । क्या जीत का मुहं खुला खुला रह गया। इधर अ कि जोरदार हंसी छुट गई ।वो पेट पकड कर हंसने लगा । डिम्पल जेब से सिगरेट का डिब्बा निकाली और दो सिगरेट निकाल कर डिब्बा वापस जेब में रख दी । एक सिगरेट जीत के खुले होठों के बीच फंसा दी दूसरी सिगरेट खुद अपने होठों पर लगा कर माचिस निकाली पहले जीत की सिगरेट जलाई फिर अपनी सिगरेट जला कर धुऑ बाहर निकलते हुए बोली याद रखना अभी से हम दोनो भाई बहन है । जीत सिगरेट का कश ले कर छोड़ते हुए बोला ओ के डन अब तुम लोगो बाते करो मैं चलता हूं । नही भाई जान आप कही जा नही सकते नही तो मेरा डियर  आनंद कहगे कि मैने उसके बेस्ट फ्रेड को आते ही भागा दिया। आनंद की हंसी रूक गई थी । उसने कहा बात सही है। जीत मैं और तुम साथ साथ ही रहेंगे। जीत फिर कंधे उचकाते हुए बोला ओ के । तो हां मेरे लल्लू लाल मैं यहा साईकिल रेस के लिए आई थी । वो क्या कहते है ? पर्यावरण दिवस पर रेस लगाने।  काम यहां का खत्म हो गया । तो सोची तुम से मिलती चली जाऊ । तुम कहां रूकी हो ? होटल में । नही नही तुम अब होटल में नही रूक सकती जीत तपाक से बोला । तो क्या तु अपने घर ले जायेगा ? हा ले जाऊंगा मेरी मां तुम्हे देख कर बहुत खुश होगी । नही यार तेरे पापा को प्रोब्लम हो जायेगी।  डिम्पल को छोटी मां के साथ रहना है । अबे यह क्यो नही बोलता कि तु डिम्पल को अपने से अलग नही करना चाहता । अब तु यही समझ ले । ओके ओके लडो मत मैं दोनो के घर एक एक बार चली जाऊंगी । पर रहूंगी होटल में ही । यह नही हो सकता तुम पहले घर चलो छोटी मां से मिलो फिर छोटी मां जो बोलेंगी तुम्हे वो मानना होगा । इस बात जीत ने सहमति में सिर हिला दी । डिम्पल क्यो बे चिकने छोटी मां से ट्यूनिंग हो गई । अरे इसकी ट्यूनिंग का कोई ठीक नही है अभी ठीक रहेगा दो पल बाद मुड बदल जायेगा । बस दो लोगो के साथ इसकी ट्यूनिंग सही है एक मेरे साथ दूसरा सुचित्रा मैम के साथ । पार्टी अभी मिलके आया है मैम से :देख ना चेहरे पर हरियाली लहरा रही है । यह सुन डिम्पल का मुड बदला उसने खा जाने वाले नज़रों से अ के तरफ देखी ।फिर बोली अबे चिकने तु क्या चीज है यार  तु मेरी बातो को इगनोर करता है चलेगा पर तु मुझ इगनोर क्यो करता है ? क्या है मैम के पास कोई चीज एक्स्ट्र लगी हुई है क्या ? कहां तु और कहां वो ? देख डिम्पल मैम के बारे में कोई फाऊल लैंग्वेज नही । चल सारी पर बता तु मुझे क्यो इगनोर करता है ? साल एक लडकी असम से अकेले यहां ग्रीनसिटी आ जाती है क्यो क्या साईकिल रेस करने । चल हट बे ,,,,तेरे से मिलने आई है । और तु एक काल तक नही किया । छोड  यार मैं स्टूपिड हूं जो इसके पीछे अपने इमोशन को वेस्ट कर रही हूं। डिम्पल ने अपनी साईकिल मोड दी तभी अ और जीत दोनो एक साथ साईकिल का हैंडल पकडते हुए बोले यार ऐसी बात नही है । रूक जाओ । देखो आनंद तुम्हारे बारे में मुझे सब कुछ बताया है । और तुम्हारी बाते भी करता है । अब तुम जानती हो ना इसका दिल मैम के साथ जुड गया है । तो यह क्या करे ? इसमें इसका कोई दोष नही है । अब तुम।आ गई हो और ऐसे चली जाओगी तो छोटी मां को कितनी तकलिफ होगी ,,,सोचो ,,होगी ना ,,,बस बस मैं समझ गई तु कितना बातूनी है । चल चलती हूं पर मेरे  सामने मैम की बात ना करना तो मेरे मूड के लिए अच्छा रहेगा । समझा बे चिकने । समझ गया वो समझ गया तु घर चल । जीत डिम्पल की साईकिल का हैडल मोड दिया और तभी आनंद बोला ला यार मै इसकी साईकिल चलाता हूं। तब तो बेटा मैं पीछे बैठुंगा और मैं  आगे बैठुगी। बस तीनो एक ही साईकिल पर लद  गये । आनंद साईकिल चलाने लगा। डिम्पल हाफ पैडल मारने लगी।सडक पर लोगो ने देखा तो फिर कानाफुसी करने लगे पर किसी ने कॉमेट करने की हिम्मत नही की । क्यो कि अ ने उस लडके का दांत तोड दिया था । तोनो अपनी मस्ती में जा रहे थे । तभी जीत शोले फिल्म का गाना गाना शुरू कर दिया , कोई हसीना जब रूठ जाती है तो और नमकीन हो जाती है। टेंशन से गाडी जब छुट जाती है तो एक :दो: तीन: हो जाती है । डिम्पल दोनो दोस्तो के गाने को सुन मुस्कुराते हुए बोलती है । वाह सुर में गा रहे हो । तीनो निकल पडते अपने सफर पर ,,,,,,❤❤❤❤❤❤❤::::::::::::::::::: शाम हो चुकी थी मानस बरामदे में खडे होकर चार पी रहे थे । तभी पोस्टमैन आया और मानस को एक रजिस्टर लिफाफ दिया अपने कागज़ पर साइन करवाया और सलाम कर जाने लगा तो मानस ने जेब से दस रूपये का नोट निकाल कर दिया । पोस्टमैन अपनी दांत दिखा कर हंस दिया और चला गया।  मानस ने लिफाफ को पलट कर देखा तो पीछे किसी वकिल का नाम और पता लाखा हुआ था । मानस समझ गया था फिर भी लिफाफ खोल कर दो पन्ने का कागज निकाल कर पढने लगा। साफ साफ लिखा हुआ था । कि सुचित्रा ने उसे तलाक का नोटिस भेजवाया है । मानस पढ़ कर अपने आप से बोल पडा । आखिर तुमने तय कर ही लिया जो मैं अब तक तय नही कर पाया हूं । चलो ठीक है मैं नही चाहता था पर अब  फिर भी मुझे इसका जवाब देना होगा । इतना बोलते हुए मानस कमरे में भीतर चला गया । कमरे में घुसते ही सामने दिवार पर सुचित्रा की वही तस्वीर लगी हुई थी जिसमे वह खिडकी के सामने खडी हो कर बाहर देख रही थी । मानस के मन ने सवाल किया क्या तुम अब भी यह उम्मिद कलते हो कि सुचित्रा तुम्हे माफ कर तुम्हारे पास आ जायेगी ? मन तो यही कहता है कि एक दिन वह वापस आ जायेगी। उसके मन पर अभी मेरी गलती छाई हुई है । जिस उसके दिमाग से मेरी गलती की धुन्ध को जायेगी उस दिन उसे मैं दिखाई दूंगा। उसका मानस अपनी गलती का पश्चातप करता हुआ मानस । फोन के पास यह सोचते सोचते पहूंचा । फोन नंबर अपनी डायरी से निकाला और नंबर डायल करने लगा । ,,,,,,,,,,,,,,,,❤,।सुचित्रा का जीवन इस हिल स्टेशन पर आ कर और अकेला हो गया था जो पहाड उसे पहले दिन बहुत सुहावने लगे थे । आज बहुत उदास लग रहे थे । सुचित्रा अपने काटेज के बालकनी में खडी थी । शाम हो चुकी थी पर यहां पहाडों में रात लग रही थी । आसमान के तारे स्पष्ट और बहुत पास नज़र आ रहे थे।सुचित्रा के अवचेतन में सोई वह मेकअप वाली सुचित्रा जाग गई । वह बोली आखिर तुम अपनी फ्रेम तोड कर कहां आ गई हो ? सोचो कितनी अकेली हो गई हो । आज तुम्हारी बात सुनने वाला कोई नही है। जब तक तुम फ्रेम में थी सुरक्षित थी आज तुम।एकदम असुरक्षित हो ।यह सुन सुचित्रा दो पल तक खामोश रही फिर बोली । आज असुरक्षित हूं पर स्वतंत्र हूं । आज अकेली हूं पर अपने अकेले पन के साथ खडी होने का प्रयास कर रही हूं । जोखिम है चारो तरफ पर इन जोखिम के साथ जीने की कोशिश करूंगी । इतना तो आज मेरे मन में विश्वास है कि आनंद मेरे साथ है । उसके दीवानगी ने मुझे जीने का एक नया तरीका दिया है । हाल कि उसका तरीका अकेले जीने के लिए इनस्पायर करता है । फोन की घंटी बजने लगी इतना ना मुझ से तु प्यार बडा कि मैं एक बादल आवारा ,,,,,,,हैलो मैम ने फोन उठाया । दूसरी तरफ से मैम का वकिल था  हैलो मैम आपके पति मानस जी का फोन आया था वह आपसे बात करना चाहते है आपका नंबर मांग रहे थे । यह सुन सुचित्रा दो पल चुप रही और बोली उनको फोन करके बता दे कि मैं उनको इसी सप्ताह फोन करूगी । ओके ,,वकिल सहाब । जी मैम ,,,,सुचित्रा ने फोन कट कर दिया।  चलो थोडा मार्केट घुम कर आती हूं । यह सोच कर मिरर के पास गई तो मिरर पर आनंद की लाई बिन्दी चिपकी हुई थी।  सुचित्रा उन बिन्दी को देख कर मुस्कुरा दी । पगला कही का उसके मन से निकल गया । ❤❤❤,,,,,डिम्पल के घर पर जाने से एक तुफान सा आ गया था । छोटी मां और डिम्पल की खूब पट रही थी छोटी मां किचन में ले जा कर बोली । डिम्पल कुछ भी कर इसके मन से इसकी मैम का भूत निकाल दे उसने क्या इसे  चॉकलेट केक खिलाया है कि इसके दिल पर चिपक गया है । अब देखो ना वह अपने पति को छोड कर कोलकोता  में बैठी है और यह पागल है कि वह उसके साथ रहेगा ।एग्जाम खत्म हो चुका है हम लोग वापस असम जायेगे यह कहता है कि कोलकोता जायेगा। इसे तु समझा कि यह अपनी जिन्दगी उस मैम के लिए कही बरबाद ना कर दे।  तभी फोन की घंटी  बजने  लगी जीत की आवाज आई आनंद मैम का  फोन है । किचन में काम करती छोटी मां और डिम्पल के कान खडे हो गये।  डिम्पल तेजी से लिविंग रूम के तरफ भागी। ,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,,आज इतना ही आप सभी का आभार 🙏 रवि कांत मिश्र 🙏❤




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