सफर अभी बाकी है
बहुत देर तक दोनो पत्थर पर सिर रख उसकी धडकनो को सुनते रहे । तभी पास के पुल पर से एक ट्रेन धडधडाती हुई पार होने लगी जिसके शोर में धडकनो का संगीत कही खो सा गया । दोनो एक साथ पीछे पलट कर देखे तो कुछ दूर पर बने पुल पर ट्रेन तेजी से धड़ धड करती हुई पार हो रही थी । दोनो एक दूसरे के तरफ देखे और अपनी जगह से उठ गये । कुछ पल तक दोनो खामोश रहे ,ट्रेन उनके सामने से गुजरती रही । एक समय ऐसा भी आया की ट्रेन गुजर गई और उसकी धड धड की आवाज उन दोनो से दूर होती चली गई । वो खामोशी फिर से एक बार छा गई । जो पहले वहां छाई हुई थी ।दोनो पास पास ही खडे थे । मैम अ के तरफ देखी वह ताल के तरफ देख रहा था । मैम भी ताल के तरफ देखने लगी । ताल की लहरे किनारे से आ कर टकराती जा रही थी । अ मैम के तरफ देखा और पुछा मैम आपको कैसा लगा । यह सुन मैम पहले तो चुप रही कुछ समय बाद बोली अच्छा लगा ,बहुत ही अच्छा लगा । मैम के मन ने कहा यह क्यो नही कहती कि तुम एक बार वही से चलना शुरू की , जहां तुम रूक गई थी । सुचित्रा तुमने अपने उपर एक सुचित्रा को ओढ रखा है । वह सुचित्रा तुम नही हो ,वह सुचित्रा कोई और है । पहचानो अप...