श्री सत्य सांई की मायावी दुनियां और मैं
उस रात जब मै वापस लौटा तो सभी स्टूडेंट ने मुझे चारो तरफ से घेर लिया । सभी शिकायत करने लगे कि आप कहां चले गये थे । सभी के चेहरे पर मेकअप अब भी लगा हुआ था । केक काटे गये थे । मेरे लिए केक बचा कर रखा हुआ था । मैने केक खाया और सभी के साथ फोटो खिंचवाई। सभी स्टूडेंट का मन भारी होने लगा था कि अब हम पता नही कभी मिलेंगे या नही । मैने सभी को बेहतर शो करने की बधाई दी और कहा कि जिस तरह तुम लोगो ने नाटक में पुरी एकाग्रता और मेहनत से काम किया है उसी तरह आगे भी अपने काम को इस तरह पुरी एकाग्रता से करना । अभी मै बात चीत कर ही रहा था कि तभी किसी ने आ कर कहा कि चलिए आपको स्टेट प्रेसिडेंट बुला रहे है । मैं उस व्यक्ति के साथ चला गया। उनके निवास स्थान पर पहूंचा तो वहां गीता जी ,सरस्वती राव जी ,चौधरी जी और भी कोई एक दो लोग बैठे थे । मै भी बैठ गया मेरे पेमेट की बात हुई । एक व्यक्ति ने एक लिफाफ निकाल कर नोट निकाले और गिन कर चौधरी जी को दिया । चौधरी जी ने मेरी तरफ बढ़ाये मैने रूपये ले कर अपनी जेब में डाल लिया । किसी ने कहा की आप गिन लेते । मैने कहा आपने गिन लिए मेरे लिए काफी है । चौधरी जी ने थैंक्स कहा मैन...